Skip to header Skip to main navigation Skip to main content Skip to footer

User account menu

  • Log in
Course on Computer Concepts
ACC, BCC, CCC, CCC Plus, ECC,

Main navigation

  • Home
  • NIELIT
  • Objectives CCC
    • Eligibility CCC
    • Examination CCC
    • Introduction CCC
    • Regional Centres CCC
  • Study Materials
  • Syllabus
  • Books
  • ऑपरेटिंग सिस्टम का परिचय

CC एवं BCC

Breadcrumb

  • Home
  • ई-मेल, सोशल नेटवर्किंग एवं ई-गवर्नेंस
  • CC एवं BCC
By iti | 6:09 PM IST, शनि जुलाई 18, 2026

परिचय

ई-मेल (E-mail) भेजते समय कभी-कभी एक ही संदेश कई लोगों को भेजने की आवश्यकता होती है। ऐसी स्थिति में To, CC (Carbon Copy) तथा BCC (Blind Carbon Copy) विकल्पों का उपयोग किया जाता है।

  • To में मुख्य प्राप्तकर्ता (Primary Recipient) का ई-मेल पता लिखा जाता है।
  • CC का उपयोग उन लोगों को ई-मेल की प्रति (Copy) भेजने के लिए किया जाता है, जिन्हें केवल जानकारी (Information) के लिए ई-मेल भेजा जा रहा हो।
  • BCC का उपयोग उन लोगों को ई-मेल भेजने के लिए किया जाता है, जिनका ई-मेल पता अन्य प्राप्तकर्ताओं से छिपा (Hidden) रहता है।

CCC पाठ्यक्रम में To, CC एवं BCC के उपयोग एवं उनके बीच के अंतर का अध्ययन कराया जाता है।


CC (Carbon Copy) क्या है?

CC (Carbon Copy) ई-मेल का वह विकल्प है, जिसके माध्यम से मुख्य प्राप्तकर्ता के अतिरिक्त अन्य व्यक्तियों को भी उसी ई-मेल की प्रति भेजी जाती है।

CC में शामिल सभी प्राप्तकर्ता एक-दूसरे के ई-मेल पते देख सकते हैं।

सरल शब्दों में—

जब किसी व्यक्ति को केवल जानकारी के लिए ई-मेल भेजी जाती है और उसका ई-मेल पता सभी को दिखाई देता है, तो CC का उपयोग किया जाता है।


BCC (Blind Carbon Copy) क्या है?

BCC (Blind Carbon Copy) ई-मेल का वह विकल्प है, जिसके माध्यम से किसी व्यक्ति को ई-मेल की प्रति भेजी जाती है, लेकिन उसका ई-मेल पता अन्य प्राप्तकर्ताओं को दिखाई नहीं देता।

सरल शब्दों में—

जब किसी व्यक्ति को गुप्त रूप से ई-मेल भेजनी हो और उसका ई-मेल पता अन्य लोगों से छिपाना हो, तो BCC का उपयोग किया जाता है।


CC एवं BCC का पूरा नाम

संक्षिप्त रूपपूरा नाम
CCCarbon Copy
BCCBlind Carbon Copy

To, CC एवं BCC में अंतर

विकल्पउपयोगई-मेल पता दिखाई देता है?
Toमुख्य प्राप्तकर्ताहाँ
CCजानकारी के लिए प्रति भेजनाहाँ, सभी को दिखाई देता है
BCCगुप्त रूप से प्रति भेजनानहीं, केवल भेजने वाले को दिखाई देता है

CC का उपयोग कब करें?

CC का उपयोग निम्न परिस्थितियों में किया जाता है—

  • कार्यालय (Office) में वरिष्ठ अधिकारी को सूचना देना।
  • टीम के सभी सदस्यों को जानकारी देना।
  • किसी परियोजना (Project) की प्रगति साझा करना।
  • बैठक (Meeting) की सूचना भेजना।

उदाहरण

  • To: [email protected]
  • CC: [email protected]

यहाँ HR विभाग को केवल जानकारी के लिए ई-मेल भेजी गई है।


BCC का उपयोग कब करें?

BCC का उपयोग निम्न परिस्थितियों में किया जाता है—

  • एक ही ई-मेल कई लोगों को भेजनी हो।
  • प्राप्तकर्ताओं की गोपनीयता (Privacy) बनाए रखनी हो।
  • Newsletter या सूचना पत्र भेजना।
  • बड़े समूह (Large Group) को ई-मेल भेजना।

उदाहरण

  • To: [email protected]
  • BCC: 100 विद्यार्थियों के ई-मेल पते

विद्यार्थी एक-दूसरे के ई-मेल पते नहीं देख पाएँगे।


Gmail में CC एवं BCC का उपयोग

चरण 1

Gmail खोलें और Compose पर क्लिक करें।


चरण 2

To में मुख्य प्राप्तकर्ता का ई-मेल पता लिखें।


चरण 3

यदि आवश्यक हो तो CC या BCC विकल्प पर क्लिक करें।


चरण 4

संबंधित व्यक्तियों के ई-मेल पते लिखें।


चरण 5

Subject एवं Message लिखकर Send पर क्लिक करें।


उदाहरण

फ़ील्डविवरण
To[email protected]
CC[email protected]
BCC[email protected]

CC एवं BCC के लाभ

CC के लाभ

  • सभी संबंधित व्यक्तियों को जानकारी मिलती है।
  • कार्यालयी कार्यों में पारदर्शिता (Transparency) बनी रहती है।
  • टीम के सभी सदस्य एक ही संदेश देख सकते हैं।

BCC के लाभ

  • प्राप्तकर्ताओं की गोपनीयता बनी रहती है।
  • ई-मेल पते सुरक्षित रहते हैं।
  • बड़े समूह को आसानी से ई-मेल भेजी जा सकती है।
  • स्पैम (Spam) का खतरा कम होता है।

CC एवं BCC का सही उपयोग

CC का उपयोग करें यदि—

  • सभी प्राप्तकर्ताओं को एक-दूसरे का पता देखने में कोई समस्या न हो।
  • सूचना साझा करनी हो।

BCC का उपयोग करें यदि—

  • प्राप्तकर्ताओं की पहचान छिपानी हो।
  • एक साथ कई लोगों को ई-मेल भेजनी हो।
  • गोपनीयता बनाए रखनी हो।

CC एवं BCC का उपयोग करते समय सावधानियाँ

  • BCC का उपयोग गोपनीयता बनाए रखने के लिए करें।
  • अनावश्यक लोगों को CC में शामिल न करें।
  • गोपनीय जानकारी केवल संबंधित व्यक्ति को भेजें।
  • ई-मेल भेजने से पहले सभी पते जाँच लें।
  • बड़े समूह को ई-मेल भेजते समय BCC का उपयोग करना बेहतर होता है।

CCC परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य

  • CC का पूरा नाम Carbon Copy है।
  • BCC का पूरा नाम Blind Carbon Copy है।
  • CC में सभी प्राप्तकर्ता एक-दूसरे के ई-मेल पते देख सकते हैं।
  • BCC में प्राप्तकर्ताओं के ई-मेल पते छिपे रहते हैं।
  • गोपनीय ई-मेल भेजने के लिए BCC का उपयोग किया जाता है।

महत्वपूर्ण शॉर्टकट

शॉर्टकटकार्य
Cनया ई-मेल (Compose) (Gmail)
Ctrl + Enterई-मेल भेजना (कुछ सेवाओं में)
Ctrl + RReply करना
Ctrl + Shift + RReply All
Ctrl + FForward करना
Deleteई-मेल हटाना

मुख्य बिंदु

  • To मुख्य प्राप्तकर्ता के लिए होता है।
  • CC जानकारी के लिए प्रति भेजने हेतु उपयोग किया जाता है।
  • BCC में प्राप्तकर्ताओं के ई-मेल पते छिपे रहते हैं।
  • बड़े समूह को ई-मेल भेजने के लिए BCC सबसे उपयुक्त विकल्प है।
  • CC एवं BCC का सही उपयोग पेशेवर ई-मेल संचार का महत्वपूर्ण भाग है।

सारांश

CC (Carbon Copy) एवं BCC (Blind Carbon Copy) ई-मेल की महत्वपूर्ण सुविधाएँ हैं। CC का उपयोग अतिरिक्त व्यक्तियों को जानकारी के लिए ई-मेल की प्रति भेजने हेतु किया जाता है, जहाँ सभी प्राप्तकर्ता एक-दूसरे के ई-मेल पते देख सकते हैं। इसके विपरीत, BCC में प्राप्तकर्ताओं के ई-मेल पते गोपनीय रहते हैं। कार्यालयों, विद्यालयों, संस्थानों तथा व्यावसायिक संचार में CC एवं BCC का उचित उपयोग ई-मेल संचार को अधिक प्रभावी एवं सुरक्षित बनाता है। CCC परीक्षा में CC, BCC तथा To के अंतर से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।


महत्वपूर्ण शब्दावली

अंग्रेज़ीहिन्दी
Toमुख्य प्राप्तकर्ता
CC (Carbon Copy)कार्बन कॉपी
BCC (Blind Carbon Copy)ब्लाइंड कार्बन कॉपी
Recipientप्राप्तकर्ता
Privacyगोपनीयता
Composeनया ई-मेल लिखना
Sendभेजना
Replyउत्तर देना
Reply Allसभी को उत्तर देना
Forwardअग्रेषित करना

अभ्यास प्रश्न

  1. CC (Carbon Copy) क्या है?
  2. BCC (Blind Carbon Copy) क्या है?
  3. CC एवं BCC का पूरा नाम लिखिए।
  4. To, CC एवं BCC में क्या अंतर है?
  5. CC का उपयोग किन परिस्थितियों में किया जाता है?
  6. BCC का उपयोग कब करना चाहिए?
  7. Gmail में CC एवं BCC का उपयोग करने की प्रक्रिया लिखिए।
  8. CC एवं BCC के प्रमुख लाभ लिखिए।
  9. CC एवं BCC का उपयोग करते समय किन सावधानियों का पालन करना चाहिए?
  10. C, Ctrl + Enter, Ctrl + R, Ctrl + Shift + R, Ctrl + F तथा Delete शॉर्टकट कुंजियों का उपयोग लिखिए।

Book traversal links for CC एवं BCC

  • ‹ Attachment
  • Up
  • सोशल नेटवर्किंग ›
  • : ई-मेल, सोशल नेटवर्किंग एवं ई-गवर्नेंस
  • ई-मेल क्या है?
  • ई-मेल अकाउंट बनाना
  • ई-मेल भेजना
  • Attachment
  • CC एवं BCC
  • सोशल नेटवर्किंग
  • ब्लॉग
  • डिजिटल संचार
  • ई-गवर्नेंस
  • ऑनलाइन सरकारी सेवाएँ
  • अभ्यास

ACC Course

Awareness in Computer Concepts
Course Duration ACC
Syllabus ACC
Eligibility ACC
Objective ACC

BCC Course

Basic Computer Course
Syllabus BCC
Examination BCC
Duration BCC
Eligibility BCC
Objective of BCC

CCC Course

Course on Computer Concepts
Regional Centres CCC
Objectives CCC
Introduction CCC
Eligibility CCC
Examination CCC

CCC Plus Course

Course on Computer Concepts Plus
Syllabus CCC Plus
Examination CCC Plus
Eligibility CCC Plus
Objective CCC Plus

ECC Course

Expert Computer Course
Syllabus ECC
Examination Fee ECC
Examination ECC
Duration ECC
Eligibility ECC
Objectives ECC

Important Link

  • Online Application (opens in new tab)
  • official Website (opens in new tab)

Copyright © 2026 ITI Directory - All rights reserved

Developed and Designed by ITI Directory