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वायरस एवं मैलवेयर

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By iti | 6:22 PM IST, शुक्र जुलाई 24, 2026

परिचय

आज के डिजिटल युग में कंप्यूटर, लैपटॉप, स्मार्टफोन एवं इंटरनेट का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही वायरस (Virus) एवं मैलवेयर (Malware) जैसे साइबर खतरों की संख्या भी बढ़ रही है। ये हानिकारक प्रोग्राम (Malicious Programs) कंप्यूटर, मोबाइल, नेटवर्क एवं डेटा को नुकसान पहुँचा सकते हैं। इनसे डेटा चोरी, सिस्टम की गति धीमी होना, फाइलों का नष्ट होना तथा ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।

इसलिए प्रत्येक कंप्यूटर एवं इंटरनेट उपयोगकर्ता को वायरस एवं मैलवेयर के बारे में जानकारी होना तथा उनसे बचाव के उपाय अपनाना आवश्यक है।

CCC पाठ्यक्रम में वायरस एवं मैलवेयर की अवधारणा, प्रकार, कार्यप्रणाली, प्रभाव एवं सुरक्षा उपायों का अध्ययन कराया जाता है।


वायरस (Virus) क्या है?

Virus एक हानिकारक कंप्यूटर प्रोग्राम है, जो स्वयं की प्रतिलिपि (Copy) बनाकर अन्य फ़ाइलों एवं प्रोग्रामों में फैल जाता है और कंप्यूटर को नुकसान पहुँचाता है।

सरल शब्दों में—

कंप्यूटर की फाइलों एवं प्रोग्रामों को संक्रमित करके नुकसान पहुँचाने वाले हानिकारक प्रोग्राम को वायरस कहते हैं।


मैलवेयर (Malware) क्या है?

Malware (Malicious Software) ऐसा कोई भी हानिकारक सॉफ़्टवेयर है, जिसे कंप्यूटर, मोबाइल या नेटवर्क को नुकसान पहुँचाने, डेटा चोरी करने या सिस्टम को नियंत्रित करने के उद्देश्य से बनाया जाता है।

सरल शब्दों में—

कंप्यूटर या मोबाइल को नुकसान पहुँचाने वाले सभी प्रकार के हानिकारक सॉफ़्टवेयर को मैलवेयर कहते हैं।

ध्यान दें: Virus, Malware का ही एक प्रकार है।


Malware का पूरा नाम

Malware = Malicious Software

हिन्दी में – हानिकारक सॉफ़्टवेयर


वायरस एवं मैलवेयर की आवश्यकता क्यों समझें?

इनकी जानकारी होने से—

  • कंप्यूटर सुरक्षित रहता है।
  • डेटा चोरी से बचाव होता है।
  • ऑनलाइन बैंकिंग सुरक्षित रहती है।
  • सिस्टम की गति बनी रहती है।
  • साइबर अपराधों से बचाव होता है।

वायरस एवं मैलवेयर कैसे फैलते हैं?

ये निम्नलिखित माध्यमों से फैल सकते हैं—

  • संक्रमित USB Drive या Pen Drive
  • इंटरनेट से डाउनलोड की गई असुरक्षित फ़ाइलें
  • ई-मेल अटैचमेंट
  • नकली (Fake) वेबसाइट
  • पायरेटेड (Pirated) सॉफ़्टवेयर
  • संदिग्ध मोबाइल ऐप
  • सोशल मीडिया लिंक

मैलवेयर के प्रमुख प्रकार

1. Virus (वायरस)

फ़ाइलों एवं प्रोग्रामों को संक्रमित करता है।


2. Worm (वर्म)

नेटवर्क के माध्यम से स्वतः फैलता है।


3. Trojan Horse (ट्रोजन)

उपयोगी प्रोग्राम के रूप में दिखाई देता है, लेकिन अंदर से हानिकारक होता है।


4. Ransomware (रैनसमवेयर)

डेटा को लॉक करके उसे खोलने के बदले फिरौती (Ransom) माँगता है।


5. Spyware (स्पायवेयर)

उपयोगकर्ता की गतिविधियों पर गुप्त रूप से निगरानी रखता है।


6. Adware (एडवेयर)

अनचाहे विज्ञापन (Advertisements) दिखाता है।


7. Rootkit (रूटकिट)

सिस्टम में छिपकर हमलावर को अनधिकृत पहुँच प्रदान करता है।


वायरस एवं मैलवेयर के लक्षण

यदि कंप्यूटर संक्रमित हो जाए, तो निम्न समस्याएँ दिखाई दे सकती हैं—

  • कंप्यूटर बहुत धीमा चलना।
  • बार-बार Hang होना।
  • अनचाहे विज्ञापन दिखाई देना।
  • फ़ाइलों का गायब होना।
  • अज्ञात प्रोग्राम अपने-आप चलना।
  • इंटरनेट की गति कम होना।
  • Antivirus का बंद हो जाना।
  • डेटा का Encrypt या Lock हो जाना।

वायरस एवं मैलवेयर से होने वाले नुकसान

  • डेटा चोरी।
  • बैंकिंग जानकारी की चोरी।
  • व्यक्तिगत जानकारी का दुरुपयोग।
  • कंप्यूटर की कार्यक्षमता कम होना।
  • फाइलों का नष्ट होना।
  • आर्थिक नुकसान।
  • नेटवर्क पर अन्य कंप्यूटरों का संक्रमित होना।

वायरस एवं मैलवेयर से बचाव के उपाय

1. विश्वसनीय Antivirus Software का उपयोग करें।


2. Operating System एवं Software नियमित रूप से Update करें।


3. केवल आधिकारिक वेबसाइटों से Software डाउनलोड करें।


4. अज्ञात ई-मेल एवं Attachment न खोलें।


5. USB Drive को Scan करके ही उपयोग करें।


6. Firewall सक्षम रखें।


7. नियमित रूप से महत्वपूर्ण डेटा का Backup लें।


8. पायरेटेड सॉफ़्टवेयर का उपयोग न करें।


9. संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।


10. मजबूत Password एवं Two-Factor Authentication (2FA) का उपयोग करें।


Antivirus क्या है?

Antivirus एक सुरक्षा सॉफ़्टवेयर है, जो वायरस एवं अन्य मैलवेयर की पहचान करके उन्हें हटाने या रोकने का कार्य करता है।

लोकप्रिय Antivirus Software

  • Microsoft Defender
  • Quick Heal
  • Avast
  • Bitdefender
  • Kaspersky
  • Norton

वायरस एवं मैलवेयर में अंतर

वायरस (Virus)मैलवेयर (Malware)
मैलवेयर का एक प्रकारसभी हानिकारक सॉफ़्टवेयर का समूह
फ़ाइलों को संक्रमित करता हैVirus, Worm, Trojan, Spyware आदि सभी शामिल
स्वयं की प्रतिलिपि बनाता हैअलग-अलग प्रकार के हमले कर सकता है

CCC परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य

  • Virus, Malware का एक प्रकार है।
  • Malware का पूरा नाम Malicious Software है।
  • Ransomware डेटा को लॉक करके फिरौती माँगता है।
  • Spyware उपयोगकर्ता की गतिविधियों पर निगरानी रखता है।
  • Antivirus वायरस एवं मैलवेयर से सुरक्षा प्रदान करता है।
  • पायरेटेड सॉफ़्टवेयर से वायरस फैलने की संभावना अधिक होती है।

महत्वपूर्ण शॉर्टकट

शॉर्टकटकार्य
Ctrl + Shift + EscTask Manager खोलना
Ctrl + Alt + Deleteसुरक्षा विकल्प खोलना
Windows + Lकंप्यूटर लॉक करना
Ctrl + Sफ़ाइल सुरक्षित करना
Ctrl + Pप्रिंट करना
F5Refresh करना

मुख्य बिंदु

  • Virus एक प्रकार का Malware है।
  • Malware कंप्यूटर एवं मोबाइल को नुकसान पहुँचाने वाला सॉफ़्टवेयर है।
  • Antivirus, Firewall एवं नियमित Updates सुरक्षा के महत्वपूर्ण उपाय हैं।
  • अज्ञात ई-मेल एवं संदिग्ध वेबसाइटों से सावधान रहना चाहिए।
  • नियमित डेटा बैकअप एवं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाना आवश्यक है।

सारांश

वायरस एवं मैलवेयर (Virus and Malware) ऐसे हानिकारक सॉफ़्टवेयर हैं, जो कंप्यूटर, मोबाइल एवं नेटवर्क को नुकसान पहुँचा सकते हैं। वायरस मैलवेयर का एक प्रकार है, जबकि मैलवेयर में वायरस, वर्म, ट्रोजन, स्पायवेयर, रैनसमवेयर एवं अन्य हानिकारक प्रोग्राम शामिल होते हैं। ये डेटा चोरी, सिस्टम की गति कम होने, फाइलों के नष्ट होने एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसी समस्याएँ उत्पन्न कर सकते हैं। Antivirus, Firewall, नियमित सॉफ़्टवेयर अपडेट, सुरक्षित वेबसाइटों का उपयोग तथा डेटा बैकअप जैसे उपाय अपनाकर इनसे बचा जा सकता है। CCC परीक्षा में वायरस एवं मैलवेयर की परिभाषा, प्रकार, अंतर, प्रभाव एवं सुरक्षा उपायों से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।


महत्वपूर्ण शब्दावली

अंग्रेज़ीहिन्दी
Virusवायरस
Malwareमैलवेयर
Malicious Softwareहानिकारक सॉफ़्टवेयर
Wormवर्म
Trojan Horseट्रोजन हॉर्स
Spywareस्पायवेयर
Ransomwareरैनसमवेयर
Adwareएडवेयर
Antivirusएंटीवायरस
Firewallफ़ायरवॉल

अभ्यास प्रश्न

  1. वायरस (Virus) क्या है?
  2. मैलवेयर (Malware) क्या है?
  3. वायरस एवं मैलवेयर में क्या अंतर है?
  4. मैलवेयर के प्रमुख प्रकारों के नाम लिखिए।
  5. वायरस एवं मैलवेयर कैसे फैलते हैं?
  6. वायरस से संक्रमित कंप्यूटर के प्रमुख लक्षण लिखिए।
  7. वायरस एवं मैलवेयर से होने वाले नुकसान लिखिए।
  8. Antivirus क्या है? इसके कार्य लिखिए।
  9. वायरस एवं मैलवेयर से बचाव के प्रमुख उपाय लिखिए।
  10. Ctrl + Shift + Esc, Ctrl + Alt + Delete, Windows + L, Ctrl + S, Ctrl + P तथा F5 शॉर्टकट कुंजियों का उपयोग लिखिए।

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